प्रज्ञा प्रवाह का लक्ष्य – Mission
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उदात्त हिंदू जीवन मूल्यों के आधार पर राष्ट्र जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में युगानुकूल पुनर्रचना की दिशा एवं सूत्रों कर्की खोज करना ।
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भारतीयत्व एवं समग्र मानवता में विश्वास रखने वाले विचारशील लोगों का , समूहों का एवं प्रबुद्ध विशेषज्ञ मंडलों (थिंक टैंक्स) का शक्तिशाली व सक्रिय वैश्विक तंत्र खड़ा करना ।
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भारतीय नागरिकों में स्व बोध जागृत करने हेतु वातावरण तैयार करना ।
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प्रज्ञा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की दिशा में भारत को तैयार करना ।
कार्य का स्वरूप
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प्रांत स्तर पर चार आयामों में कार्य महिला, युवा, शोध तथा प्रचार आयाम
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विमर्श के सभी विषयों की अध्ययन टोलियाँ
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आवश्यकतानुसार व्यवस्था कार्यालय के प्रमुख आदि की रचना