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बीस पैनल में दिखा वंदेमातरम का 150 वर्ष का इतिहास

प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंदकुमार ने सेज यूनिवर्सिटी में किया प्रदर्शनी का उद्घाटन

प्रज्ञा प्रवाह की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत संयोजक बैठक का आयोजन आरम्भ

11 जनवरी को होगा समापन

-देशभर से आये संगठन के प्रमुख पदाधिकारी, विचारक और कार्यकर्ताओं ने देखी प्रदर्शनी

राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर प्रज्ञा प्रवाह की अखिल भारतीय प्रान्त संयोजक बैठक में वंदे मातरम की 1875 से लेकर 24 जनवरी 1950 तक की यात्रा के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गयी। प्रदर्शनी को 20 पैनल में प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा मध्यप्रदेश गौरव विषय पर विश्व धरोहर स्थल, मध्यप्रदेश की समृद्ध जैवविविधता, जनजाति नायक,

प्रमुख वीरांगनाओं और राजधानी भोपाल के इतिहास को भी प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। सेज विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैठक स्थल पर लगी प्रदर्शनी का उद्घाटन सुबह 8 बजे प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंदकुमार ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस दौरान सेज विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संजीव अग्रवाल एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शनी में प्रज्ञा प्रवाह के विचार मंथन तथा युवा और धर्म से संबंधित विषय को 10 पैनल में दिखाया गया।

शनिवार को सेज विश्वविद्यालय के सभागार में प्रज्ञा प्रवाह की दो दिवसीय अखिल भारतीय बैठक की शुरुआत हुई। बैठक का शुभारंभ शनिवार सुबह 9 बजे उद्धाटन सत्र के साथ प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे नंदकुमार जी, सह-संयोजक श्रीकांत जी और रघुनंदन जी ने दीप प्रज्जवलन कर किया। बैठक के पहले दिन संगठनात्मक संरचना के साथ-साथ कार्यकर्ता विकास पर मंथन हुआ। बैठक में देशभर से संगठन के प्रमुख विचारक और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक के दौरान विभिन्न आयामों के समानांतर सत्र आयोजित हुए। संगठनात्मक बैठक में कार्य विस्तार और कार्य पद्धति को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। बौद्धिक सत्र में “वैश्विक वैचारिक परिदृश्य” विषय पर ऑर्गेनाइजर के सम्पादक प्रफुल्ल जी केतकर ने सम्बोधन दिया। इसके बाद संगठनात्मक दिशा पर विभिन्न वक्ताओं ने मार्गदर्शन किया। इसके उपरांत बैठक में देश के विभिन्न प्रांतों के वृत्त पर चर्चा हुई एवं आगामी कार्ययोजना के विषय में बताया गया। आगामी कार्ययोजना के अंतर्गत संगठन के विस्तार, नए क्षेत्रों में सक्रियता और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। रविवार को समापन से पूर्व शताब्दी वर्ष, पंच परिवर्तन, गुरु तेग बहादुर तथा बिरसा मुंडा बलिदान, राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे

l कार्यकर्ता विकास सत्र भी आयोजित होगा। इस दौरान नेतृत्व निर्माण, अनुशासन और सेवा भावना पर विशेष जोर रहेगा। अंत में जिज्ञासा समाधान एवं समारोह सत्र के बाद सायं 6 बजे राष्ट्रगीत वंदेमातरम के गायन के साथ दो दिवसीय बैठक का समापन होगा।

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