भारतीय ज्ञान परंपरा के सम्मान से ही साकार होगा विकसित भारत @2047 का संकल्प- जे नंदकुमार

भारतीय ज्ञान परंपरा और विकसित भारत का संकल्प @2047” विषय पर गुरुवार दोपहर 2.30 बजे सरोजनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, भोपाल में प्रज्ञा प्रवाह के संयुक्त तत्वावधान में ‘विमर्श एवं संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जे. नंदकुमार, अखिल भारतीय संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों से आए भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के प्रमुखों के साथ उन्होंने अपने विचार साझा किए। श्री नंदकुमार ने कहा कि जब तक भारतीय ज्ञान परंपरा का सम्मान और पुनर्स्थापन नहीं होगा, तब तक विकसित भारत का संकल्प अधूरा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए भारत को सांस्कृतिक चेतना के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बनना होगा। कार्यक्रम में श्री भरत व्यास, ओएसडी (उच्च शिक्षा), प्रो. मथुरा प्रसाद, अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र बिहारी, श्री धीरेन्द्र चतुर्वेदी, प्रांत संयोजक, प्रज्ञा प्रवाह तथा प्रो. पी. शशिकला, सह-संयोजक, मध्य भारत प्रांत, प्रज्ञा प्रवाह भी उपस्थित हुई l


